सचिन तेंदुलकर ने इंग्लैंड में बल्लेबाजी के लिए गिल, पंत को दी सलाह


नई दिल्ली. भारतीय टीम को 20 जून यानी आज से इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में हिस्सा लेना है. हेडिंग्ले टेस्ट से पहले टीम इंडिया के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने इंग्लैंड में बल्लेबाजी करने पर अपना अनुभव शेयर किया है. इसके अलावा उन्होंने शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और करुण नायर को इंग्लैंड में अपनी बैटिंग को और बेहतर करने की राय दी है.

सचिन तेंदुलकर ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा,” शुरुआत में आपको ‘वी’ शेप में खेलना होगा जैसा कि हमारे कोच हमें बताते थे. इससे किसी गेंद को छोड़ने में भी मदद मिलेगी क्योंकि वी में खेलने आपकी नजरें और आपके शरीर का सेट-अप अलग होता है. इसलिए मैं चाहूंगा कि बल्लेबाज शुरू में साइड पर रहे. और अगर गेंद ऊपर की ओर पिच हो तो आगे बढ़कर खेलें.

तेज गेंदबाजों के खिलाफ फ्रंट-फुट डिफेंस पर ध्यान दें
सचिन तेंदुलकर ने इंग्लैंड सीरीज पर अपनी बात रखते हुए कहा,” आपको तीन चीजों को पहचानना होगा. मौसम, ओवरहेड की स्थिति और पिच की स्थिति. क्या यह धूप वाला दिन है? क्या हवा चल रही है? क्या यह हरी छत है? क्या गेंद रुककर आ रही है या बल्ले पर आ रही है? फिर आप तय करते हैं कि कैसे बल्लेबाजी करनी है. इंग्लैंड में तेज गेंदबाजों के खिलाफ फ्रंट-फुट डिफेंस पर बहुत ध्यान दें.

डिफेंस मानसिकता के साथ मैदान पर न उतरें
इंग्लैंड में अगर बल्लेबाज के हाथ शरीर से दूर होने लगते हैं, तो गेंदबाज उस लड़ाई को जीत रहा होता है. पारी के शुरुआती हिस्से में फ्रंट फुट डिफेंस महत्वपूर्ण हो जाता है, लेकिन डिफेंस मानसिकता के साथ मैदान पर न उतरें. आप पॉजिटिव रूप से बच सकते हैं. इसलिए रन बनाने के मौकों से नहीं चूकना चाहिए और जब आप डिफेंसिव अप्रोच के साथ मैदान पर उतरते हैं, तो यह आपके फुटवर्क पर दिखाई देते हैं.

शुभमन गिल, ऋषभ पंत को सचिन की राय

शुभमन गिल के बारे में सचिन ने कहा,” उनके लिए चुनौती यह है कि जब ड्राइव करने के लिए लेंथ न हो तो हाथों को ढीला न छोड़ें. ‘वी’ में खेलें, फ्रंट फुट पर बढ़िया स्ट्राइड लें और अच्छी तरह से डिफेंड करें . पंत अगर क्रीज के बाहर खड़ा है, तो सावधानी से गार्ड चुनें. जितना वह क्रीज से बाहर होगा, उसे उतना ही ऑफ-स्टंप की तरफ आना होगा. इसका ध्यान रखना होगा.

जायसवाल, सुदर्शन, नायर पर क्या बोले सचिन

जायसवाल को बल्ले की गति को दिमाग में रखते हुए गेंद को देर से खेलने के बारे में ध्यान में रखना होगा. सुदर्शन अगर अपने वर्टिकल बैट-शॉट्स के साथ अपने हाथों को शरीर के करीब रखना जारी रख सकता है, तो वह ठीक रहेगा. करुण नायर काउंटी क्रिकेट खेल चुका है. वह समझता है कि कब तेजी लानी है, कब धीमा करना है. जब गेंद पुरानी होती है, तो स्विंग हो सकती है, लेकिन सतह से बहुत ज्यादा उछाल नहीं आता. वह तब अटैक कर सकता है.



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