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डायनासोर की फॉसिल (जीवाश्म) बन चुकी उल्टी में बाकिरिबु वारिद्जा नाम के उड़ने वाले सरीसृप की नई प्रजाति मिली है. यह फिल्टर-फीडिंग टेरोसॉर अपने कंघी जैसे दांतों के लिए जाना जाता है. यह जीवाश्म ब्राजील में मिला है. माना जा रहा है कि एक स्पिनोसॉरिड डायनासोर ने इसे खाया था, पर पचा नहीं पाया.
नई दिल्ली: सोचिए, अगर 11 करोड़ साल बाद किसी साइंटिस्ट को आपकी उल्टी (Vomit) में कोई नई चीज मिल जाए! कुछ ऐसा ही हुआ है जब वैज्ञानिकों को डायनासोर की फॉसिल (जीवाश्म) बन चुकी उल्टी में एक उड़ने वाले सरीसृप (Flying Reptile) की एक नई प्रजाति मिली है. इस नई प्रजाति का नाम बाकिरिबु वारिद्जा (Bakiribu waridza) रखा गया है. बाकिरिबु का अर्थ करिरी (Kariri) लोगों की भाषा में ‘कंघी जैसा मुंह’ होता है. ये करिरी लोग ब्राजील के उसी क्षेत्र के मूल निवासी हैं जहां यह जीवाश्म मिला था. साइंटिस्ट का मानना है कि इस खोज से उड़ने वाले इन सरीसृपों के इवोल्यूशन पर रोशनी पड़ेगी और उनके बारे में अनसुलझे रहस्य खुलेंगे.
‘कंघी जैसे मुंह’ वाला रहस्यमय जीव
- बाकिरिबु वारिद्जा नाम रखने की वजह एकदम साफ है. इस टेरोसॉर (Pterosaur) के जबड़े लंबी, ब्रिसल (Bristle) जैसी बनावट वाले दांतों से भरे हुए थे. यह प्रजाति शायद इन दांतों का इस्तेमाल पानी से छोटे-छोटे जीवों को फिल्टर करके खाने के लिए करती थी, ठीक वैसे ही जैसे आज की व्हेल मछलियाँ (Baleen Whales) करती हैं.
- वैज्ञानिकों को दो जीवों की हड्डियां एक अजीब कंक्रीट के अंदर मिलीं, साथ में चार मछलियों के अवशेष भी थे. ध्यान से देखने पर ब्राजील के जीवाश्म वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि यह रेगर्जिटेलाइट (Regurgitalite) है. सीधे शब्दों में कहें, तो यह फॉसिल बन चुकी उल्टी थी.
डायनासोर की ‘उल्टी’ (Pêgas et al., Sci. Rep. 2025)
- टेरोसॉर की कुछ हड्डियां टूटी हुई थीं, जो यह बताता है कि शिकारी (Predator) ने उन्हें चबाने की कोशिश की होगी. लेकिन डायनासोर ने अपना खाना ज्यादा देर तक पेट में नहीं रखा.
- रिसर्चर्स ने लिखा, ‘अवशेषों की स्पेशियल अरेंजमेंट के आधार पर यह मानना सही है कि शिकारी ने पहले टेरोसॉर और फिर मछलियों को खाया होगा. लेकिन शायद टेरोसॉर की हड्डियों के कारण हुई यांत्रिक असुविधा या बाधा की वजह से प्रेडेटर ने भोजन का एक हिस्सा उल्टी करके बाहर निकाल दिया.’
- रिसर्चर्स के अनुसार, ये कंघी जैसे मुंह शायद पचाने में आसान नहीं रहे होंगे. जिस डायनासोर की ‘आंखें उसके पेट से बड़ी थीं’ (यानी जिसने ज्यादा खा लिया), उसकी पहचान अभी तक कन्फर्म नहीं हुई है.
एक आर्टिस्ट की कल्पना में कुछ ऐसा दिखता होगा Bakiribu waridza (Photo : Julio Lacerda/Pêgas et al., Sci. Rep., 2025)
कौन था ये संदिग्ध ‘शिकारी’?
हालांकि, इस घटना के लिए सबसे बड़ा संदिग्ध स्पिनोसॉरिड (Spinosaurid) माना जा रहा है. ये शिकारी जरूरी नहीं कि हॉलीवुड फिल्मों में दिखाए जाने वाले टी. रेक्स (T. Rex) की तरह खतरनाक मॉन्स्टर रहे हों. ऐसा माना जाता है कि ये ज्यादातर मछलियां खाते थे, और कभी-कभी उनके मेनू में टेरोसॉर भी शामिल हो जाता था.
दीपक वर्मा न्यूज18 हिंदी (डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. लखनऊ में जन्मे और पले-बढ़े दीपक की जर्नलिज्म जर्नी की शुरुआत प्रिंट मीडिया से हुई थी, लेकिन जल्द ही उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म…और पढ़ें
दीपक वर्मा न्यूज18 हिंदी (डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. लखनऊ में जन्मे और पले-बढ़े दीपक की जर्नलिज्म जर्नी की शुरुआत प्रिंट मीडिया से हुई थी, लेकिन जल्द ही उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म… और पढ़ें

