खेतों में लगा दें बिना मेहनत वाली ये फसल, लागत 15 हजार, मुनाफा कई गुना! आवारा पशु भी रहेंगे दूर


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Turmeric Farming Tips : कम मेहनत और कम लागत में तैयार होने वाली हल्दी किसानों के लिए बड़ी कमाई का जरिया बन सकती है. एक बीघा हल्दी बोने में लागत करीब 15 हजार रुपये आती है वहीं यह फसल 4–5 क्विंटल पैदावार देती है और 50–80 रुपये किलो तक आसानी से बिक जाती है. सबसे बड़ी बात है कि आवारा पशु भी इसे नुकसान नहीं पहुंचा पाते.

फर्रुखाबाद : हल्दी हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है, क्योंकि इसमें चमत्कारी औषधीय गुण पाए जाते हैं. जमीन के नीचे तैयार होने वाली यह फसल न सिर्फ तरह-तरह के पकवानों में स्वाद बढ़ाती है, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद है. यही कारण है कि आज हल्दी की खेती किसानों के लिए कम लागत में लाखों की कमाई का बेहतरीन जरिया बनती जा रही है. फर्रुखाबाद में भी इसकी खेती बड़े पैमाने पर हो रही है और किसान इसे लाभकारी फसल मानते हैं.

फतेहउल्लापुर के एक किसान ने बताया कि वह हर वर्ष कई बीघा में हल्दी की खेती करते हैं. बढ़ती उम्र के कारण वह ऐसी फसलें चुनते हैं जिनमें कम मेहनत लगे, और हल्दी इस दृष्टि से सबसे बेहतर फसल है. एक बीघा में हल्दी की बुवाई की लागत लगभग 15 हजार रुपये आती है, वहीं यह 50 से 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से आसानी से बिक जाती है. 90 से 120 दिनों में तैयार होने वाली इस फसल से प्रति बीघा चार से पांच क्विंटल उत्पादन मिल जाता है.

छुट्टा मवेशी से सुरक्षित रहती है फसल
किसान बताते हैं कि हल्दी की फसल को छुट्टा मवेशी नुकसान नहीं पहुंचाते, क्योंकि वे इसके पत्ते खाना पसंद नहीं करते. हल्दी जमीन के अंदर होती है, इसलिए यह फसल दूसरे पौधों की तुलना में अधिक सुरक्षित रहती है.

पत्ते करेंगे खाद का काम
हल्दी की खुदाई के बाद बचे पौधों को किसान खेत में इकट्ठा कर जैविक खाद तैयार करते हैं. यह खाद आगामी फसलों के लिए काफी लाभदायक होती है और पैदावार बढ़ाती है. इस तरह किसान एक ही फसल से दोहरा लाभ कमा लेते हैं.

इन बातों का रखें ध्यान
एक्सपर्ट के अनुसार हल्दी की खेती के लिए ऐसी भूमि चुनना जरूरी है जहां पानी की निकासी की अच्छी व्यवस्था हो. इसके बाद उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की बुवाई की जाती है. समय-समय पर निराई और सिंचाई करते हुए फसल 3 से 4 महीने में तैयार हो जाती है. खेत से निकालने और साफ करने के बाद इसे मंडी में आसानी से बेचा जा सकता है.

mritunjay baghel

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु…और पढ़ें

मीडिया फील्ड में 5 साल से अधिक समय से सक्रिय. वर्तमान में News-18 हिंदी में कार्यरत. 2020 के बिहार चुनाव से पत्रकारिता की शुरुआत की. फिर यूपी, उत्तराखंड, बिहार में रिपोर्टिंग के बाद अब डेस्क में काम करने का अनु… और पढ़ें

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खेतों में लगा दें बिना मेहनत वाली ये फसल, लागत 15 हजार, मुनाफा कई गुना!



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