Last Updated:
अमेरिकी सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रिश्तों में बढ़ते तनाव के बीच जनवरी 2026 में कांग्रेस छोड़ने की घोषणा की. ट्रंप ने उन्हें ‘धोखेबाज’ कहकर चुनाव में विरोधी उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कही थी. ग्रीन का कहना है कि वह अपने जिले को कड़वी जंग से बचाना चाहती हैं.
अमेरिका की बेहद चर्चित रिपब्लिकन सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने शुक्रवार देर रात एक बड़ा ऐलान कर दिया. उन्होंने घोषणा कर दी कि वह जनवरी 2026 में कांग्रेस से इस्तीफा दे देंगी. वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे मुखर समर्थकों में थीं, लेकिन हाल के महीनों में दोनों के बीच गंभीर मतभेद उभर आए थे. ग्रीन हाल ही में तब चर्चा में आई थीं जब उन्होंने ऐलान किया था कि वह H-1B वीजा को खत्म करने वाला एक बिल कांग्रेस में पेश करेंगी. H-1B वीजा के जरिए हजारों विदेशी स्किल्ड वर्कर अमेरिका में पहुंचते हैं. इसमें सबसे बड़ी संख्या भारतीयों की है. ग्रीन ने 10 मिनट से ज्यादा का एक वीडियो जारी कर कहा कि वह दोबारा चुनाव लड़ना चाहती थीं, लेकिन नहीं चाहती थीं कि उनका जिला ‘एक ऐसे राष्ट्रपति के खिलाफ खड़ा हो जाए, जिसे जिताने के लिए हम खुद लड़े थे.’ उनका इशारा ट्रंप की ओर से हाल में दिए गए उन बयानों की ओर था, जिनमें उन्होंने ग्रीन को ‘धोखेबाज’ तक कहा था. 5 जनवरी 2026 को सदन में उना आखिरी दिन होगा.
बीते महीनों में ग्रीन ने ट्रंप की आलोचना की थी, खासकर जेफ्री एप्सटीन फाइलों, विदेश नीति और हेल्थकेयर जैसे मुद्दों पर. इसके बाद ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह ग्रीन के खिलाफ दूसरे उम्मीदवार को समर्थन देंगे. यह बात ग्रीन के राजनीतिक भविष्य पर सीधी चोट बन गई. ग्रीन के इस्तीफे की घोषणा के बाद ट्रंप ने एबीसी न्यूज से कहा कि यह ‘देश के लिए अच्छी खबर’ है. उन्होंने कहा कि वह उनसे बात करने का कोई इरादा नहीं रखते, लेकिन भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं.
इस्तीफे पर क्या बोलीं?
मार्जोरी टेलर ग्रीन ट्रंप की ‘मेगा’ (MAGA) राजनीति का चेहरा मानी जाती थीं. उन्होंने कई विवादित मुद्दों पर बेबाक राय रखी और अक्सर कांग्रेस में सुर्खियों में रहीं. वह करीब पांच साल से रिपब्लिकन राजनीति का आक्रामक चेहरा थीं, लेकिन जैसे-जैसे ट्रंप से मनमुटाव बढ़ा, उनकी स्थिति पार्टी में कमजोर होती गई. वीडियो में ग्रीन ने कहा कि वफादारी ‘दो-तरफा रास्ता’ होती है और किसी सांसद को अपने क्षेत्र के हित के लिए स्वतंत्र रूप से वोट करने का अधिकार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन की राजनीति में वह कभी फिट नहीं हुईं और वहां उन्हें हमेशा विरोध झेलना पड़ा.
ग्रीन के राजनीतिक करियर में कई विवाद जुड़े रहे हैं. कभी वह QAnon षड्यंत्र सिद्धांतों का समर्थन करती दिखीं, तो कभी उन्होंने 9/11 हमले को लेकर सवाल उठाए. कोविड महामारी के दौरान मास्क की तुलना उन्होंने होलोकॉस्ट से कर दी थी, जिसके लिए बाद में माफी भी मांगनी पड़ी.

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें
योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने… और पढ़ें