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वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने ‘डेयर टू ड्रीम’ में खान सर के साथ बात की. अनिल अग्रवाल ने कहा कि असफलता का अर्थ है ‘लंबे जाना’ और जज़्बा ही काम आता है. खान सर ने बताया कि वह अभी 2.5 करोड़ छात्रों को पढ़ा रहे हैं और 2030 तक 30 करोड़ छात्रों तक पहुँचना उनका लक्ष्य है. पूरी बातचीत आज, 21 नवंबर को साझा की जाएगी.
पटनाः जाने-माने उद्योगपति और वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने यूट्यूब चैनल ‘डेयर टू ड्रीम’ के नए एपिसोड में प्रसिद्ध शिक्षक खान सर (फैजल खान) के साथ अपनी यात्रा और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की है. इस एपिसोड का ट्रेलर 20 नवंबर को जारी किया गया, जबकि पूरी बातचीत आज, 21 नवंबर को साझा की जाएगी.
बिहार की अपनी प्रकृति है
अनिल अग्रवाल ने खान सर को बताया कि कैसे उन्होंने अपने शुरुआती दिनों में कई बार असफलता का सामना किया. उन्होंने कहा, “कई बार आप फेल होंगे इसका मतलब कि आप लंबे जाने वाले हैं.” उन्होंने बिहार की दृढ़ प्रकृति की तारीफ करते हुए कहा कि, “बिहार है न. इसकी अपनी ही एक प्रकृति है. एक बार ठान लिया न फिर उसको आप नहीं हिला सकते हैं.” उन्होंने अपनी युवावस्था की शरारतों को भी याद किया और एक मजेदार घटना साझा करते हुए बताया कि जब किसी ने उनसे पूछा कि वह कौन हैं, तो उन्होंने आत्मविश्वास से जवाब दिया था कि वह “महाराजा कुमार अनिल अग्रवाल” हैं.
वहीं, खान सर ने शिक्षा के क्षेत्र में आई क्रांति और अपनी यात्रा के बारे में बताया. उन्होंने याद किया कि लॉकडाउन के मुश्किल समय के दौरान, जब पारंपरिक शिक्षा पूरी तरह बदल गई थी, तब उन्होंने छात्रों को सिर्फ 11 रुपये में पढ़ाया था.
2030 तक 30 करोड़ छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य
खान सर ने अपनी वर्तमान उपलब्धि बताते हुए कहा कि, “अभी हम लोग 2.5 करोड़ स्टूडेंट को पढ़ा रहे हैं.” उन्होंने अपने बड़े लक्ष्य का खुलासा करते हुए कहा, “2030 तक हम लोग का टारगेट है 30 करोड़ स्टूडेंट तक पहुंच जाना.”
अनिल अग्रवाल ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए खान सर की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि, “अमेरिका से पहले तो हमारे एक खान सर सोच लिए कि घर बैठे आप पढ़ सकते हैं। पढ़कर आप एग्जाम भी दे सकते हैं.” खान सर के 2.5 करोड़ बच्चों को पढ़ाने की बात सुनकर उन्होंने हैरानी और खुशी जताई. उन्होंने कहा कि यह देखकर उन्हें खुशी हुई कि बिहार का युवा सही रास्ते पर है.
बगैर अंग्रेजी बोले भी बन सकते बड़ा आदमी
अनिल अग्रवाल ने ट्विटर पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि ‘क्या आपको भी लगता है कुछ बड़ा करने के लिए सूट-बूट पहनना पड़ता है और अच्छी अंग्रेजी बोलनी बढ़ती है? अगर हां तो खान सर के साथ ये मजेदार बातचीत देख लीजिए. समझ जाएंगे कि जजबा और साफ नीयत होने से काम चल जाता है. डेयर टू ड्रीम के एक और एपिसोड में खान सर के साथ दिल खोलकर बातचीत हुई.;

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.