दर्द से कराहते कप्तान ने पिच पर खड़े होकर ही जीत लिया आधा मैच, मार्करम ने शतक तो बाद बनाया…


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WTC Final 2025: WTC Final 2025: दक्षिण अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बवूमा पारी के 24वें ओवर में दर्द से परेशान नजर आए. उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था. इसके बावजूद वे क्रीज पर डटे रहे और 65 रन की नाबाद पारी खेली….और पढ़ें

WTC Final 2025: दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बवूमा ने 65 रन की नाबाद पारी खेली.

WTC Final 2025: टेस्ट क्रिकेट का विश्व चैंपियन कौन… दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस लड़ाई का अंत आज हो जाएगा. मैच के तीसरे दिन जब खेल थमा तब तक दक्षिण अफ्रीका का पलड़ा भारी था. लेकिन अफ्रीकी प्रदर्शन के पीछे सिर्फ उसकी बैटिंग ही नहीं, कप्तान टेम्बा बवूमा का अद्भुत साहस भी था. एक वक्त था जब खेल बराबरी पर था और बवूमा चोटिल हो गए. हैमस्ट्रिंग की वजह से उनका दौड़ना मुश्किल हो गया. फीजियो आए. कुछ एक्सरसाइज कराईं और कुछ दवा भी दी लेकिन बवूमा का दर्द कम ना हुआ. दक्षिण अफ्रीकी कप्तान के पास उस वक्त रिटायर्ड हर्ट होने का विकल्प खुला था. लेकिन साहस के धनी इस खिलाड़ी को पता था कि पैवेलियन लौटने का अर्थ होगा ऑस्ट्रेलिया की वापसी… जो कप्तान अपने पूरे करियर में एक भी मैच ना हारा हो, वह भला ऐसे मौके पर मैदान कैसे छोड़ता. टेम्बा बवूमा दर्द के बावजूद पिच पर अड़ गए और कंगारुओं को दुबकने को मजबूर कर दिया.

दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का फाइनल लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया ने ट्रॉफी जीतने के लिए दक्षिण अफ्रीका को 282 रन का लक्ष्य दिया है. अफ्रीकी टीम ने इसके जवाब में 9 रन पर पहला और 70 रन पर दूसरा विकेट गंवाया. अभी स्कोर 100 रन भी नहीं पहुंचा था कि कप्तान बवूमा की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया. टेम्बा इसके बावजूद बैटिंग करते रहे. इस बात में कोई शक नहीं कि वे दर्द से परेशान थे. ऐसे कई मौके देखने को मिले जब उन्होंने दर्द के चलते दूसरा या तीसरा रन लेने से मना कर दिया. इस जुझारू बैटर का इरादा साफ था कि भले ही कुछ रन कम बनें लेकिन विकेट पर टिके रहना जरूरी है.

कोच एश्वेल प्रिंस ने बाद में बताया, ‘टेम्बा बहुत मजबूत खिलाड़ी हैं. हमने सोचा कि क्या उन्हें बाहर बुलाना चाहिए. लेकिन उन्होंने फैसला किया कि वे खेलेंगे.’ टेम्बा बवूमा ने दर्द को नजरअंदाज करते हुए 121 गेंदों पर नाबाद 65 रन बनाए. उनकी यह पारी केवल रनों की नहीं थी, बल्कि उनके धैर्य की जीत थी. वे हर रन के लिए लंगड़ाते हुए दौड़े और दर्द के बावजूद अपनी टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया.

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विजय प्रभात शुक्लाAssociate Editor

दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय. अप्रैल 2020 से News18Hindi में बतौर एसोसिएट एडिटर स्पोर्ट्स की जिम्मेदारी. न्यूज18हिंदी से पहले दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला अखबारों में पेज-1, खेल, देश-विदेश, इलेक्शन ड…और पढ़ें

दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय. अप्रैल 2020 से News18Hindi में बतौर एसोसिएट एडिटर स्पोर्ट्स की जिम्मेदारी. न्यूज18हिंदी से पहले दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला अखबारों में पेज-1, खेल, देश-विदेश, इलेक्शन ड… और पढ़ें

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