ऑनिंद्यो बनर्जी
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अभी से चुनावी मोर्चा खोल दिया है. पार्टी ने राज्य में जो नया संगठनात्मक ढांचा तैयार किया है, वह इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि बीजेपी बंगाल को सिर्फ एक और विधानसभा चुनाव के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की निर्णायक लड़ाई के रूप में देख रही है.
News18 को बीजेपी की ‘टीम बंगाल’ की पूरी संरचना का एक्सक्लूसिव विवरण मिला है. यह अब तक की सबसे व्यापक और भौगोलिक रूप से सटीक संगठनात्मक तैनाती है जो पार्टी ने राज्य में की है. रणनीति के तहत बंगाल को छह राजनीतिक क्षेत्रों में बांटा गया है, और हर ज़ोन में ऐसे नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है जिनका रिकॉर्ड मुश्किल चुनावों में सफल या मजबूत संगठन निर्माण में साबित रहा है. पार्टी सूत्रों के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य तृणमूल कांग्रेस की जिला स्तर पर पकड़ को चुनौती देना और वहां बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना है, जहां 2021 में बीजेपी पिछड़ गई थी.
रार्ह बंग बेल्ट- BJP की विस्तार प्रयोगशाला
हावड़ा–हुगली–मेदिनीपुर त्रिकोण
कोलकाता मेट्रो और दक्षिण 24 परगना- ममता का किला
नवाद्वीप और उत्तर 24 परगना- सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का बेल्ट
चौथा क्षेत्र नवाद्वीप और उत्तर 24 परगना का है, जिसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण वाला इलाका कहा जाता है. यहां जिम्मेदारी आंध्र प्रदेश के संगठन महामंत्री एन. माधुकर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता सुरेश राणा को दी गई है. बीजेपी का मानना है कि इस इलाके में समर्थन मौजूद है, लेकिन संगठन कमजोर है, जिसे मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा.
उत्तर बंगाल – अप्रत्याशित क्षेत्र
दार्जिलिंग और पहाड़- नैरेटिव का युद्धक्षेत्र
क्या संदेश है?
2021 की तरह सिर्फ प्रचार के शोर पर दांव लगाने के बजाय BJP इस बार चुपचाप बूथ संरचना को मजबूत कर रही है. ज़ोन कमांडरों में से अधिकांश नेता अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं. यहां तैनात एक नेता ने News18 को बताया, ‘मैं यहां तब तक डेरा डालकर रहने वाला हूं जब तक ऊपर से कुछ और आदेश न आए.’
बिहार चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बंगाल की लड़ाई का संकेत देते हुए कहा था, ‘गंगा बिहार से बहकर बंगाल जाती है. बिहार ने बंगाल में बीजेपी की जीत का रास्ता खोल दिया है. अब हम मिलकर बंगाल से जंगलराज को खत्म करेंगे.’
इन सभी नियुक्तियों और तैनाती से स्पष्ट है कि बंगाल में चुनावी युद्ध शुरू हो चुका है और बीजेपी इसे ममता बनर्जी के खिलाफ राष्ट्रीय प्रतिष्ठा की लड़ाई की तरह लड़ने जा रही है.